vayumandal kise kahate hain । वायुमण्डल किसे कहते हैं?

वायुमण्डल-आज इस अध्याय में हम vayumandal kise kahate hain के बारे में चर्चा करेंगें। यह टापिक प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इस टापिक को यदि अच्छे से तैयार कर लिया जाये तो आपकी परीक्षा में एक से दो नम्बर जरूर दिला जायेगा। तो चलिये वायुमण्डल के बारे चर्चा करते हैं।

वायुमंडल किसे कहते हैं-Vayumandal Kya Hai  

पृथ्वी के चारों ओर विद्यमान गैसों के विशाल आवरण, जो पृथ्वी को चारों ओर से घिरे हुए हैं, वायुमंडल (vayumandal) कहा जाता है। पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण ही कारण ही वायुमंडल पृथ्वी के नजदीक रुका हुआ है। इस पृथ्वी पर भिन्न-भिन्न प्रकार की जीव जंतुओं का अस्तित्व वायुमंडल के कारण ही संभव है।

वायुमंडल का संघटन (Vayumandal Ki Sanrachna)

वायुमंडल विभिन्न प्रकार की गैसों का मिश्रण है, जिसमें ठोस और तरल पदार्थ के सूक्ष्मतम कण आसमान मात्राओं में विद्यमान होकर तैरते हैं। शुद्ध वायु में 78% नाइट्रोजन गैस तथा 21% ऑक्सीजन गैस पाई जाती है। यह दोनों मिलकर वायुमंडल का 99% भाग बनाते हैं। शेष एक प्रतिशत भाग में आर्गन गैस 0.93 प्रतिशत, कार्बन डाइऑक्साइड 0.03% तथा ओजोन व अन्य प्रकार की गैसें पाई जाती है। इसके अतिरिक्त वायुमंडल में जलवाष्प धूल के कण तथा अन्य अशुद्ध पदार्थ भी अनियमित मात्रा में पाए जाते हैं।

पृथ्वी की सतह शुष्क वायु का रासायनिक संगठन 

पृथ्वी पर मौसमी घटनाएं होने के लिए जलवाष्प धूल के कारण तथा ओजोन गैस अत्यधिक उत्तरदाई होते हैं। विभिन्न प्रकार की गैसों का 99% भाग वायुमंडल के 32 किलोमीटर की ऊंचाई तक सीमित है जबकि जलवाष्प और धूल कणों का 90% भाग वायुमंडल मे अधिकतम 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक पाया जाता है।

नाइट्रोजन यह गैस वायुमंडलीय गैसों में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाती है। वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस संपूर्ण गैसों का तीन चौथाई से अधिक मात्रा में पाई जाती है। नाइट्रोजन गैस के कारण ही पृथ्वी पर उपस्थित वस्तुएं तेजी से नहीं जल पाती है। यह गैस रंगहीन ,गंधहीन स्वादहीन है। नाइट्रोजन गैस के कारण ही पेड़ पौधों में प्रोटीन का निर्माण होता है। यह गैस वायु की तीव्रता वायुदाब तथा प्रकाश के परावर्तन को प्रभावित करती है।

ऑक्सीजन (Oxygen Gas) 

यह मानव जाति एवं जीव जंतुओं के लिए जीवन दायिनी गैस है। मानव जाति तथा अन्य जीव जंतु वायुमंडल से ऑक्सीजन गैस को सांस के रूप में लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड गैस वायुमंडल में विसर्जित करते हैं। जबकि पेड़ पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड गैस को वातावरण से अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन गैस को बाहर निकालते हैं।

ऑक्सीजन गैस के बिना कोई भी ईंधन जलाया नहीं जा सकता अतः ऑक्सीजन ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है। वातावरण में यह गैस 64 किलोमीटर ऊंचाई तक पाई जाती है।

कार्बन डाइऑक्साइड गैस(Carbon Dioxide)

यह एक भारी गैस का उदाहरण है। यह कम मात्रा में होने के कारण वायुमंडल और पृथ्वी के तापमान को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किस तरह से यह वायुमंडल में ग्रीन हाउस प्रभाव बंद करती है। इस गैस की मात्रा बढ़ाने के कारण वैश्विक तापमान में वृद्धि होती जा रही है। 1997 ई के क्योटो प्रोटोकॉल द्वारा वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की संतुलन की स्थिति बनाए रखने के लिए वैश्विक सहमति बनाई गई है।

ओजोन गैस (Ozone)

यह गैस वायुमंडल में बहुत कम मात्रा में पाई जाती है, जबकि यह वायुमंडल का महत्वपूर्ण घटक है। यह गैस वातावरण में एक छन्नी की तरह काम करती है और सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती है। यदि यह किरणें पृथ्वी के सतह पर पहुंच जाए तो पृथ्वी के तापमान में अत्यधिक वृद्धि हो जाएगी एवं त्वचा कैंसर का खतरा भी बढ़ जाएगा।

समताप मंडल के निचले भाग में ओजोन गैस 15 से 35 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहुत अधिक मात्रा में विद्यमान है। वायुयानों से निकलने वाली नाइट्रस ऑक्साइड, रेफ्रिजरेटर एवं एसी आदि से निकलने वाली क्लोरोफॉर्म कार्बन इस गैस की परत को बहुत अधिक नुकसान पहुंचती है। इस गैस की परत को बचाने के लिए सन 1987 ईस्वी में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर सहमति बनाई गई है और इसके संरक्षण के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किया जा रहे हैं।

जलवाष्प

वायुमंडल में प्रति किलोमीटर आयतन में जलवाष्प की मात्रा जीरो से चार प्रतिशत तक पाई जाती है। वायुमंडल में ऊंचाई बढ़ाने के साथ-साथ जलवाष्प की मात्रा में कमी होती जाती है। जलवाष्प की संपूर्ण मात्रा का आधा हिस्सा 2 किलोमीटर की ऊंचाई तक पाया जाता है। यह तीनों अवस्थाओं (ठोस ,द्रव,गैस ) में पाई जाती है

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वायुमंडल को पांच अलग-अलग स्तरों में बांटा गया है।

वायुमंडल की परतों के नाम- (Vayumandal Ki Parte)

वायुमंडल में मुख्यतः 5 परते पायी जाती हैं। Vayumandal Ki partein विभिन्न प्रकार की गैसों,धूलकण आदि से मिलकर बनी हुयी है। इनका विवरण निम्नलिखित है।

  • Troposphere(क्षोभमंडल)
  • stratosphere (समताप मंडल)
  • mesosphere (मध्य मंडल)
  • lonosphere (आयन मंडल)
  • exosphere(बाह्य मंडल)

क्षोभ मंडल (Chhobh Mandal)

क्षोभ मंडल विषुवत रेखा पर 18 किलोमीटर और ध्रुवो पर 8 किलोमीटर  की ऊंचाई तक पाया जाता है।

इस मंडल में 165 मीटर की ऊंचाई बढ़ने पर एक डिग्री सेंटीग्रेड तापमान घट जाता है और 1 किलोमीटर की ऊंचाई पर तापमान 6.5 डिग्री सेंटीग्रेड की कमी पाई जाती है। वायुमंडल में होने वाली सभी मौसमी घटनाएं क्षोभमंडल में ही घटित होती है। छोभ मंडल की सीमा पर चलने वाली तेज गति की हवाओं को जेट स्ट्रीम्स कहते हैं।

समताप मंडल(Samtap Mandal)

समताप मंडल की औसतन ऊंचाई 18 से 20 किलोमीटर तक पाई जाती है। समताप मंडल में शुरू में तापमान स्थिर  होता है लेकिन किलोमीटर की ऊंचाई होने के बाद तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसा इस परत पर ओजोन गैस की मौजूदगी के कारण होता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करके तापमान में वृद्धि कर देती है। इस मंडल में मौसमी वायुमंडल के हल चलें नहीं होती हैं इसलिए इस मंडल पर वायुयान उड़ाए जाते हैं।

मध्य मंडल की ऊंचाई 50 से 80 किलोमीटर तक पाई जाती है। इस मंडल में तापमान अचानक गिर जाता है मध्य मंडल की सीमा पर माइंस 100 डिग्री सेंटीग्रेड तक तापमान गिर जाता है जो वायु मंडल का सबसे कम तापमान है।

आयन मंडल(Ayan Mandal)

इस मंडल की औसत ऊंचाई 60 से 80 किलोमीटर के मध्य पाई जाती है। वायुमंडल की इस परत पर विद्युत आवेशित कण अधिक मात्रा में पाए जाते हैं एवं ऊंचाई के साथ तापमान में गिरावट होने लगती है।

आयन मंडल से ही अलग-अलग आवृत्ति की तरंगे परावर्तित होती है जिससे वर्तमान समय में रेडियो प्रसारण, फोन नेटवर्क एवं टीवी प्रसारण आसानी से किया जाता है।

बाह्य मंडल(Bahya Mandal)

वायुमंडल के इस परत की ऊंचाई 640 से 1000 किलोमीटर के मध्य पाई जाती है। इस परत में भी तो आवेशित कणों की अधिकता होती है एवं यहां पर हाइड्रोजन हीलियम ऑक्सीजन और नाइट्रोजन आदि आदि गैसों की अलग-अलग परतें पाई जाती हैं।

1000 किलोमीटर ऊंचाई के बाद इस परत में  वायुमंडल बहुत विरल हो जाता है एवं आखिरकार 10000 किलोमीटर की ऊंचाई के बाद यह मंडल अंतरिक्ष में परिवर्तित हो जाता है।

Vayumandal Kise Kahate Hain Related FAQ’S

प्रश्न–vayumandal kise kahate hain?

उत्तर–पृथ्वी के चारों ओर मौजूद गैसों के विशाल आवरण को वायुमंडल कहा जाता है।

प्रश्न– कौन सी गैस वायुमण्डल में सबसे अधिक पायी जाती है?

उत्तर—नाइट्रोजन गैस सबसे अधिक पायी जाती है।

प्रश्न—हवाई जहाज किस मण्डल में उड़ाये जाते हैं?

प्रश्न—समताप मण्डल में ।

प्रश्न—समस्त वायुमण्डलीय घटनाएं किस मण्डल में होती हैं?

उत्तर—क्षोभमण्डल में

प्रश्न—वायुमण्डल को कितनी परतों में विभाजित किया गया है?

उत्तर-05 परतों में

प्रश्न—क्षोभमण्डल की लम्बाई विषुवत रेखा पर कितनी है?

उत्तर—16 कि0मी0

प्रश्न—वायुमण्डल में नाइट्रोजन गैस कितने % है?

उत्तर—78%

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प्रश्न—ओजन गैस की परत के क्षरित होने का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर—क्लोरो-फ्लोरो कार्बन

प्रश्न—वैज्ञानिक भाषा में वायुमंडल की सबसे निचली परत के अध्ययन को क्या कहते हैं?

उत्तर-मेट्रोलाजी

प्रश्न—कौस सी परत से रेडियो तरंगे परावर्तित होती हैं?

उत्तर—आयन मंडल से

प्रश्न—वायुदाब किस यंत्र से मापा जाता है?

उत्तर—बैरोमीटर

प्रश्न—मिलीबार क्या है?

उत्तर—वायुदाब की इकाई।

प्रश्न— संवहनमंडल किसे कहा जाता है?

उत्तर—क्षोभमंडल को ही संवहनमंडल कहा जाता है।

निष्कर्ष-Vayumandal Kise Kahate Hain

उपरोक्त पोस्ट में  vayumandal kise kahate hain के बारे में हमने भरपूर कोशिक की स्पष्ट जानकारी देने के लिए, आपको कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया हमे कमेंट के माध्यम से जरूर बतायें। और अधिक ज्ञानवर्धक व परीक्षाोपयोगी सामग्री के लिए बने रहिये GKINHINDIS डाट कॉम के साथ। धन्यवाद…………..

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